Root Canal Treatment (RCT) — डर छोड़ें, सच जानें
Root Canal Treatment का नाम सुनकर डर लगता है?
अक्सर जब Dentist कहते हैं कि “RCT करनी पड़ेगी”, तो मरीज का दिल डूब जाता है। इंटरनेट पर भी बहुत सारी गलत जानकारी है जो इस डर को और बढ़ाती है। आइए आज इस डर को सच्चाई से दूर करते हैं।
Root Canal Treatment क्या होता है?
जब दांत की Cavity (दांत में कीड़ा/सड़न) बहुत गहरी हो जाती है और उसका infection (संक्रमण) दांत की Pulp (अंदर की जीवित परत जिसमें nerve (नस) होती है) तक पहुंच जाता है, तो RCT की जरूरत पड़ती है। इसमें:
- दांत को सुन्न (Numb) किया जाता है
- अंदर की infected pulp (दांत का अंदरूनी गूदा) को निकाल दिया जाता है
- दांत को साफ और shaped किया जाता है
- उसे एक special material से भरा जाता है
- ऊपर से एक Crown (ऊपरी खोल/टोपी) लगाया जाता है
मिथक और सच्चाई
मिथक 1: RCT बहुत दर्दनाक होता है।
सच्चाई: आधुनिक तकनीक और बेहतर anesthesia (सुन्न करने की दवा) की वजह से RCT अब लगभग दर्दरहित है। जो दर्द होता है वह इलाज से पहले infection का दर्द होता है, इलाज का नहीं।
मिथक 2: दांत निकलवाना ज़्यादा अच्छा है।
सच्चाई: अपना असली दांत रखना हमेशा बेहतर होता है। दांत निकलने के बाद बाकी दांत हिलने लगते हैं और चबाने में तकलीफ होती है।
मिथक 3: RCT के बाद दांत निकलवाना ही पड़ता है।
सच्चाई: RCT के बाद Crown लगाने से दांत सालों तक काम करता है।
RCT कब जरूरी है?
- दांत में लगातार तेज़ दर्द
- मसूड़ों पर सूजन या फोड़ा
- दांत बहुत ज़्यादा sensitive हो गया हो
- X-ray में infection दिखे
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